भगवान है या नहीं ?

Does God Exist

सर मेरा नाम मनोज है, मैं मंगोलपुरी दिल्ली में रहता हूँ। जो सवाल में आपसे पूछ रहा हूँ वो थोड़ा कठिन है,  मेरा सवाल है... भगवान है या नहीं ? मैंने इस वेबसाइट पर आपके कुछ सवालों के जवाब पढ़े तो मुझे उन जवाबों से काफी संतुष्टि हुई। इसलिए मैंने भी आपसे एक सवाल पूछ लिया।  

- मनोज (मंगोलपुरी दिल्ली से )


Does God Exist : भगवान है या नहीं ? सही में ये बहुत ही कठिन सवाल पूछ लिया आपने। कोई बात नहीं, चलिए अब जानते इस सवाल का जवाब जोकि काफी बड़ा होने वाला है:-  इस दुनियाँ में भगवान को मानने और न मानने वाले दोनों ही तरह के लोग रहते है। लेकिन यदि आप आस्तिक से पूछेंगे कि भगवान है या नहीं ? तो उसका जवाब होगा... हाँ  और यदि आप किसी नास्तिक से पूछेंगे कि भगवान है या नहीं ? तो उसका जवाब होगा ... नहीं। 

अब बात आती है मेरी क्यूँकि इस सवाल का जवाब में आपको दे रहा हूँ, तो मैं न ही आस्तिक हूँ, न ही नास्तिक।  मैं खुद को वास्तविक मानता हूँ। और रियलिटी पर विस्वास करता हूँ। और भगवान की अगर मैं बात करू तो मेरे लिए भगवान सिर्फ एक शब्द है जो कुछ अक्षरों से मिलकर बना है। 

अक्षर इंसानो द्वारा बनाए गए है और भाषा का निर्माण भी इंसानो ने किया है। और धीरे-धीरे इंसान नई-नई चीजों का निर्माण करता जा रहा है। जैसे-जैसे शिक्षा बढ़ती जा रही है लोग अंधविश्वास से बाहर आ रहे है। लोगो ने अब जादू चमत्कार दिखाने वाले ढोंगियों पर भरोसा करना बंद कर दिया है।  

बड़े बड़े ढोंगी जिनके करोडो की संख्या में भक्त थे वो सब जेल में बंद है। एक कॉमन सी बात है अगर इनमे जरा भी शक्ति होती तो क्या ये आज जेल में होते। इसलिए इंसान अंधभक्ति छोड़कर अब अपनी शिक्षा पर फ़ोकस कर रहा है। कई देशो में नास्तिकों की सँख्या में बढ़ोत्तरी हुई है। ये एक वेबसाइट का स्क्रीन शॉट इसमें आप नास्तिको की संख्या देख सकते है।  

भगवान है या नहीं
अगर भगवान को न मानने वालो की बात करे तो सबसे पहले नाम आता है... गौतम बुद्ध का इन्हें आप सबसे पहले नास्तिक कह सकते है। बुद्ध एक शिक्षक थे उन्होंने लोगो को मानवता का ज्ञान दिया। और अंधविस्वास और पाखंडवाद का विरोध किया। लेकिन आज लोगों ने बुद्ध को ही भगवान बना दिया। 

भगवान की मुर्तिया और चित्र इंसानो ने ही बनाएँ है और भगवान को आज तक किसी ने भी नहीं देखा है। फिर भी इंसान ने अपनी कल्पना से भगवान का निर्माण कर दिया। सच ये है कि भगवान कौन है, कैसे दिखते है, उनका कैसा आकार है ये कोई नहीं जानता। लेकिन फिर भी लोगों ने अपना अलग-अलग धर्म बना रखा है और अपने-अपने भगवान को मानते है। भगवान को मानने तक तो ठीक है लेकिन ये लोग धर्म के नाम पर आपस में लड़ते- मरते रहते है। और अपने-अपने धर्म को दुनियाँ का सर्वश्रेष्ठ धर्म बताते है।   

अंत में यही कहना चाहूँगा कि आप इस दुनियाँ में आये हो अपने माँ बाप की वजह से। प्रकृति एक सच है, हवा, पानी, पेड़ पौधे, इन्ही सबसे इंसानो का जीवन है। प्रकृति के हिसाब से सबको दुनिया से जाना है। इस धरती पर कोई शक्तिशाली नहीं, कोई अमर नहीं है। इसलिए आपको प्रकृति के प्रति आदर रखना चाहिए और मानवता से बढ़कर किसी को नहीं मानना चाहिए। जीवन में अच्छे काम करने से ही हमें और हमारे परिवार को सम्मान मिलता है। इसलिए मानवता के लिए कार्य करते रहे। 

उम्मीद है आपको आपके सवाल का जवाब मिल गया होगा यदि फिर भी आपका कोई सवाल है तो आप मुझे कमेंट बॉक्स में कमेंट कर सकते है। 

- श्याम 


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