Friendship Day Special Hindi Article | Happy Friendship Day

Friendship Day Special Hindi Article : दोस्तों, आज हम आपके लिए लाए हैं दोस्ती से जुड़ी कुछ बाते, जो हर किसी के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि दोस्ती एक बहुत ही प्यारा रिश्ता है हम अपने दोस्त से सभी बाते शेयर कर सकते है लेकिन अपने घरवालों के साथ कुछ बाते शेयर करने में हमें संकोच होता है।

 

अगर किसी की किस्मत में एक अच्छा दोस्त होता है तो वो इंसान अपनी जिंदगी को सही तरीक़े से ज़ी पाता है। अगर आप अपने दोस्त पर, खुद से भी ज्यादा भरोसा करते है, तो वो आपका एक सच्चा मित्र है। लेकिन यदि आप उसके साथ सिर्फ मस्ती करते हो और आपको उस पर पूरी तरह से भरोसा नहीं है तो वो आपका सच्चा मित्र कभी भी नहीं हो सकता.

मित्रता दिवस: Friendship Day

मित्रता दिवस एक ऐसा दिन है जिसमे हम अपने दोस्त के लिए कुछ अलग करने की सोचते हैं, और उसे धन्यवाद बोलने की कोशिश करते हैं. वैसे तो दोस्तों के साथ बिताया हर पल खास होता है, लेकिन इस दिन आप अपने दोस्त को बता सकते हो कि उसकी आपके जीवन में क्या जगह है. क्यो वो आपके लिए इतना महत्वपूर्ण है.

क्या आपको पता है मित्रता दिवस की शुरूआत कैसे हुई , आइये हम आपको बताते हैं मित्रता दिवस आखिर क्यों मानना जाता है?

कहा जाता हैं कि अमेरिका में एक व्यक्ति को वहाँ की सरकार ने मुत्यु दे दी थी और जब यह बात उसके मित्र को पता चली तो उसने उसके गम में आत्महत्या कर ली. जब अमेरिका की सरकार को यह बात पता चली, तो उन्होंने 1935 में मित्रता दिवस मनाया जाएगा यह घोषणा कर दी. इस दिन को पूरे विश्व ने आनन्दित होकर स्वीकार किया और इस दिन को भारत में ही नहीं बल्कि हर देश में अगस्त के पहले रविवार को “फ़्रेंडशिप डे” के रूप में मानना शुरु कर दिया.
 तब से मित्रता दिवस अगस्त की पहली रविवार को मनाया जाने लगा जिसे लोग आज फ़्रेंडशिप डे” के रूप में मनाते हैं।
यह दिन दुनिया भर में बड़े ही जश्न के साथ लोग मानते हैं. अब तो ये एक त्यौहार की तरह हो गया है. जिसे लोग आपने मित्रों को कार्ड, फूल आदि देकर सम्मानित करते हुए “हैप्पी फ़्रेण्डशिप डे” कहते हैं. इस दिन लोग चाहे कितने भी बिजी हो लेकिन आपने मित्रों के लिए सारा दिन तो नही पर थोड़ा समय निकाल ही लेते हैं और साथ में मिलकर इस दिन को सेलिब्रेट करते हैं.
इस दिन को दुनिया के हर प्रांत, धर्म, जति के लोग मानते हैं इसलिए इस दिन को कुछ संगठनो ने अलग अलग तरह से बनने लग गए हैं जैसे –
राष्ट्रीय मित्रता दिवस अगस्त में पहले रविवार को मनाया जाता है.
तो महिलाओं का मित्रता दिवस अगस्त के तीसरे रविवार को आता है.
अंतराष्ट्रीय मित्रता दिवस का महीना फरवरी है.
पुराने और नए मित्रों के लिए मई का तीसरा सप्ताह में आता है.

“दोस्ती” एक वरदान

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“फ़्रेंडशिप डे” एक ऐसा दिन है जो मित्रों के संबंध को समर्पित किया गया है. यह दिन लोग एक उत्सव की तरह मनाते हैं और एक यही ऐसा दिन है जो साल में बहुत बार आता है और लोग इसे हर बार बड़ी खुशी से मानते है.
दोस्ती एक ऐसा वरदान है. लोगों को आसानी से नही मिलता और जिन्हें मिलता है. उन में से कुछ इसे बहुत अच्छे से संभाल कर रख लेते हैं तो कुछ खो देते हैं.
इसमे कभी कभी धोखा भी मिल जाता है लोगों को इसलिए दोस्ती करते समय हमें लोगों को परखना चाहिए फिर जाकर दोस्ती करनी चाहिए. अक्सर देखा गया है कि दोस्ती कभी कभी लोग मतलब के लिए भी करते हैं और ऐसे दोस्तो से हमे सावधान रहना चाहिए.

अच्छे और बुरे दोस्त

दोस्ती ही एक ऐसा संबंध है जिसमें लोग या तो सम्भल जाते हैं या बिगड़ जाते हैं. कहा जाता है कि जैसी संगत वैसा असर पड़ता है लोगों पर, यदि खराब दोस्त हुए तो आप अपना जीवन युही वेअर्थ खत्म कर लेंगे और यदि अच्छे दोस्त हुए तो आपको वो जीवन में अच्छी आदतों की ओर खींचते हैं और कामयाबी की तरफ ले जाते हैं. इसलिए दोस्ती करने से पहले दोस्तों को पहचाना आना चाहिए.

दोस्ती कई तरह की होती हैं जैसे –

  • स्कूल की दोस्ती
  • कॉलेज की दोस्ती
  • कार्य स्थल के दोस्त
  • व्यवसायिक दोस्ती
  • मतलब की दोस्ती
  • हॉबी वाले दोस्ती
  • बचपन के दोस्त
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ऐसे न जाने कितने है लेकिन सच्चे और अच्छे दोस्तों की तो पहचान ही अलग होती है क्योंकि इन सारे दोस्तो में से कुछ ही हमेशा साथ निभाते हैं.बाकी तो पीछे छूट जाते हैं.
जो पीछे छूट जाते हैं वो वही दोस्ती होते है जो या तो मतलबी होती हैं या फिर हमारी गलती की वजह से पीछे छूट जाते हैं. कहते है बचपन की दोस्ती कभी भूले न भूलती है, क्योंकि वही हमारी सच्ची ओर अच्छी दोस्ती होती हैं.
बचपन में ही जो दोस्ती होती हैं वो बिना किसी स्वार्थ ओर मतलब की होती है. बाकी तो यूही होती है, कुछ ही इनमे से अच्छे दोस्त होते है. जो आपका साथ सुख दुख में निभाते हैं वरना कुछ तो मुश्किलों में साथ छोड़ देते हैं. लेकिन आपके साथ एक अच्छी बात भी होती है कि आप अपने सच्चे दोस्तो को पहचान जाते हैं.

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अंत में यह कहना चाहती हूँ कि कभी भी दोस्ती करो तो सावधानी से ओर अच्छे दोस्त बनाओ और कभी भी अपने अहंकार में या आत्मसम्मान की लड़ाई में इन दोस्तो को खोना मत. क्योंकि दोस्ती ही है जो हम अपनी मर्जी से चुनते हैं, और उनका साथ निभाते हैं. कभी भी हमे मुश्किल में उन्हें अकेला नहीं छोड़ना चाहिए. उनका हमेशा साथ देना चाहिए. मित्रता दिवस पर उन्हें स्पेशल फील करना चाहिए और थैंक्स बोलना चाहिए कि उसने इस दोस्ती को इतने अच्छे से निभाया है।
– ज्योति कुमारी 

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