हम खुद को बदले बिना अपना देश नहीं बदल सकते | We cannot change our countrywithout changing ourselves.

हम खुद को बदले बिना अपना देश नहीं बदल सकते

Let's change ourselves : जैसा कि आप सभी लोग जानते है कि हमारा भारत देश विकासशील देश है। लेकिन अभी तक विकसित नहीं हो सका है। इसका कारण हम खुद ही है। क्योंकि हम खुद को बदले बिना अपना देश नहीं बदल सकते। इसलिए हमे अपने आपको को बदल कर अपने देश को बदलना होगा। तभी हमारा भारत देश आगे बढ़ पाएगा और आने वाली पीढ़ी भी हमारे ऊपर गर्व करेगी। जिस प्रकार महान समाज सुधारकों ने इस देश को बहुत ही संघर्षो के बाद इतना सुधारा है। उसी प्रकार हमें भी खुद को बदलकर देश के प्रति अपनी ज़िम्मेदारी निभानी होगी। ताकि आने वाले समय में हमारा भारत देश भी एक प्रगतिशील देश बन सके।

तो चलिए दोस्तो जानते हैं। ऐसी से कौन-कौन सी कमियाँ है जिन्हें दूर करके हम खुद को बदल कर अपना भारत देश बदल सकते हैं।


स्वच्छता का रखे ख्याल।


हम सभी को शपथ लेनी होगी। जिस प्रकार हम खुद का ख्याल रखते हैं, उसी प्रकार हम अपने देश की स्वच्छता का भी ख्याल रखेंगे। हमारा भारत देश इसलिए भी पीछे रह गया है, क्यूंकि यहां पर ज्यादातर लोग बस अपना-अपना ही देखते है। खुद को साफ़ सुथरा रख लेंगे लेकिन देश में गंदगी फैलाते है। जहां मर्जी गुटखा-पान खा कर थूक देते है। कहीं भी साइड में खड़े होकर पेशाब करने लगते है। सड़क पर कूड़ा फेंक देते है। हमें खुद को बदलना होगा। जब हम अपने भारत देश को स्वच्छ बनायेगे तभी हम असली देशभक्त कहलायेंगे।

जिस प्रकार हम अपने घर को स्वच्छ रखते हैं उसी प्रकार अपने देश की हर सड़क को स्वच्छ रखें और कूड़ा कूड़ेदान में फेंके और सभी नियम को फॉलो करें ताकि हमारा देश एक सुंदर देश बन सके।

 

अंधविशवासों से दूर रहे।


भारत देश में अंधविश्वास इतना भरा पड़ा है कि पढ़ी-लिखी जनता भी अंधविश्वास की ओर खिंची चली जाती है। अंधविशवास ही हमारी देश की प्रगति में एक बाधा बना हुआ है। अंधविश्वास के ऊपर भी बहुत से लोगों ने अपनी आवाज उठाई और बहुत सॉरी किताबें भी लिखी गई लेकिन फिर भी भारत की जनता को समझ नहीं आता कि किस प्रकार खुद को अंधविश्वास से दूर रखें.

अमेरिका चीन जैसी शक्तियों का मुकाबला करना तभी मुमकिन होगा जब हम खुद को अंधविश्वास से दूर रखें और अपनी शिक्षा को बढ़ावा देकर देश के प्रति ऐसे कार्य करें जिससे अच्छी चीजों का निर्माण हो सके, और हमारा देश प्रगति की ओर जा सके।

अंधविश्वास एक ऐसी चीज़ है जो लोगों को कभी भी वैज्ञानिक तरीके से सोचने नहीं देता। और उनके मस्तिष्क पर बुरा प्रभाव डालता है। हमें अंधविश्वास को बढ़ावा ना देकर इस कुरीति को जड़ से उखाड़ फेंकना होगा। इससे बहुत लोगो का जीवन भी अच्छा हो सकेगा। हम सभी को देश के प्रति जागरूक होना होगा। क्योंकि बिना मेहनत किए कोई भी इंसान कोई भी मुकाम हासिल नहीं कर सकता अंधविश्वास से दूर रहें और खुद को बदलें साथ ही साथ देश को भी बदले।

 

क्रोध को अपने अंदर से निकालकर प्रेम भावना उत्पन्न करे।


हमें अपने अंदर से क्रोध को बाहर निकाल फेंकना होगा। क्यूंकि क्रोध ही इंसान को बर्बाद करता है। इसलिए हर किसी के लिए अपने अंदर प्रेम भावना जगाये, ताकि हम सभी एक दूसरे की मदद करके खुद तो आगे बड़े ही साथ ही हमारा देश भी आगे बढ़ेगा। क्योंकि मिलकर रहने से ही हमें कोई नहीं हरा सकता और हमें एकता के सूत्र में बंधे रह कर अपने देश को प्रगतिशील बनाना होगा। गांधी जी का सपना भी यही था कि सभी में भाईचारे की भावना उत्पन हो उनका यह सपना हम सबको मिलकर पूरा करना होगा।


इंसानियत पहले उसके बाद धर्म।


आप सभी ने सुना या पढ़ा होगा कि इंसानियत पहले उसके बाद धर्म। यह कहावत सभी भारतवासियों पर लागू होती है। क्यूंकि जब देश होगा तभी तो धर्म होगा। हमें अपने समाज से भेदभाव को मिटाकर इंसानियत को बढ़ावा देने की जरूरत है। हम सभी को अपने अंदर लोगों के लिए प्रेम, भावना, आदर, सम्मान जगाना होगा ताकि कोई भी हमें धर्म या जाति के नाम पर अलग न कर सके। तभी तो हमारा देश महान बनेगा और भारत देश पूरी तरह से लोकतांत्रिक व धर्मनिरपेक्ष देश कहलाएगा।

 

महिलाओ के प्रति अपना नजरिया बदले।


महिलाओं के छोटे कपड़े पहनने पर सवाल उठाते है। उन्हें बाहर जाने पर हजार सवाल पूछे जाते है। उनके चरित्र पर शक़ किया जाता है। यहाँ हमें अपनी मानसिकता बदलने की जरुरत है। जिस प्रकार पुरषों को कोई रोक-टोक नहीं है उसी प्रकार महिलाओं को बराबर का हक़ देने की जरुरत है। हमारे देश में अधिकतर लोगों की सोच महिलाओ को लेकर आज भी बहुत छोटी है। यह हमारे देश के लिए बहुत बड़ी विडंबना है।

हमारे देश में आज भी बहुत सी महिलाएं है। जो करना तो बहुत कुछ चाहती हैं लेकिन उन्हें कोई बढ़ावा नहीं देता और उनके प्रति सभी का नजरिया लिंगभेद पर आधारित है। जो महिलाओ को आगे बढ़ाने से कहीं हद तक रोकती है। सभी को महिलाओ को प्रोत्साहित करना होगा और सभी को महिलाओ के प्रति अपना नजरिया सकारात्मक रखकर उन्हे सम्मान देकर उन्हें बढ़ावा देना होगा। तभी देश की स्थिति में बदलाव होगा।

 

समाज सेवा में भी अपना योगदान दें।


हम सभी को समाज सेवा जरूर करनी चाहिए ताकि जरूरतमंदो की सहायता हो सके, देश में कोई भी वर्ग पिछड़ा हुआ ना रह सके। यदि हम समाज सेवा करते है, तो हमारे मन को सुकून मिलता है। और हमें देश का एक अच्छा नागरिक होने की अनुभूति होती है। अगर मरने के बाद भी लोगों के दिलो में ज़िंदा रहना है तो समाज सेवा करने का भाव हमें अपने अंदर लाना होगा। और देश की प्रगति में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी होगी।

नोट - आशा है कि आप सभी को यह आर्टिकल पसंद आया होगा। हमें खुशी तब होगी जब आप सभी लोग इन बातो को गंभीरता से लेकर। देश के अच्छे नागरिक बनने में अपना योगदान देंगे। अपने देश के लिए कुछ अच्छा करेंगे। देश को विकास की ओर ले जाएंगे।

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