नकारात्मक विचारों को दिमाग में आने से कैसे रोकें? | How to stop negative thoughts from coming to mind in Hindi

How to stop negative thoughts from coming to mind in Hindi

How to stop negative thoughts from coming to mind in Hindi : नमस्कार दोस्तों, आज के इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि किस प्रकार हम नकारात्मक विचारो को अपनी जिंदगी से निकाल फेंकने में सफल हो पायेंगे? इस पोस्ट के अंदर मै आपको कुछ रोचक टिप्स देने वाली हूं। जिससे कि आप सबकी जिंदगी में सकारात्मक विचारो को आने में समय नहीं लगेगा। और आपकी सोच को एक बेहतर दिशा मिलने मै भी मदद मिलेगी।

किस तरह नकारात्मक सोच को बदले? कैसे नकारात्मक विचारों से छुटकारा पाने का उपाय ढूंढ़े ? इसी प्रकार के प्रश्न का उत्तर आज के इस पोस्ट में आपको मिलेगा। चलिए दोस्तो टाइम को बर्बाद ना करते हुए। विस्तार से जानते है। कि नकारात्मक विचारो को किस प्रकार उखाड़ फेंकना है।


नकारात्मक विचारों को दिमाग में आने से कैसे रोकें?



नकारात्मक विचार क्या है?


मान लो आपका एग्जाम है। एग्जाम देने से पहले आपके दिमाग में आ रहा है। कि एग्जाम कैसा जाएगा? या फिर आप कोई भी काम करने जा रहे है। आपको यह लगता है। कि यह मैं नहीं कर सकता। मेरी किस्मत खराब है। मैं इस काम के लिए नहीं बना। इस प्रकार के विचार आपको नकारात्मकता की ओर खींचते है। क्यूंकि आपको पता होगा कि जैसा हम सोचते है। वैसा हमारे साथ होता भी है।


इसलिए किसी भी काम से बिना खबराए उस काम को करे। और अपनी सोच को सकारात्मक बनाए। जैसा बीज आप अपने मस्तिष्क मै बोएंगे, आपको आपका मस्तिष्क भी वैसा ही फल देगा। सकारात्मक विचार दोगे या नकरात्मक यह सब आप पर निर्भर करता है। क्योंकि हमारा दिमाग ही हमारे शरीर का सबसे महत्वूर्ण हिस्सा है।



नकारात्मक विचार आने का कारण क्या है?


हमेशा चिंता, तनाव मै रहना। अपने मस्तिष्क को आराम ना देना। थका हुआ महसूस करना। एक्सरसाइज न करना। वक़्त पर अपना कोई भी काम ना करना। खुद को दूसरों से अलग समझना। आत्मविश्वास की कमी। इनसे निजात पाने के लिए आगे कुछ पॉइंट्स बताऊंगी।



अपने नजरिए को बदले।


नकारात्मक सोच को रोकने के लिए हम सभी को अपने नजरिए को बदल कर। सकारात्मक पहलुओं पर अपना ध्यान केंद्रित करना होगा। हालाकि आप सभी ने सुना भी होगा कि नजर का इलाज तो दुनिया में हैं ही लेकिन नजरिए का इलाज कहीं नहीं है। इसलिए खुद की सोच को बदले नकारात्मकता को दूर करे।



अपने भूतकाल और भविष्य के बारे में ना सोचें ।


हमें अपने भूतकाल के बारे में नहीं सोचना चाहिए और ना ही अपने भविष्य के बारे में ज्यादा सोचना चाहिए। हमें अपना सारा ध्यान वर्तमान पर ही केंद्रित करना चाहिए। हम अपना वर्तमान अच्छा रखेंगे तो भविष्य खुद ही अच्छा होगा। इससे हमारी सोच नकारात्मक ना होकर सकारत्मक होगी। और हम खुश भी रह पाएंगे।



खुद को व्यस्त रखें।

 

हम सभी को अपनी जिंदगी में अच्छे काम को करके खुद को व्यस्त रखना होगा। ताकि हमारे पास नाकारात्मक विचारो का आने का समय ही ना बचे। ताकि हम अच्छे काम करके सकारात्मक सोच खुद पैदा कर सके।



नकारात्मक सोच को भी सकारात्मक बनाए।


हां दोस्तों, आप सभी को अपनी नकारात्मक सोच को सकारात्मकता में बदलना होगा। क्यूंकि इस पूरी दुनिया में हर चीज के दो पहलू होते है। सकारात्मक पहलू और नकारात्मक पहलू इसलिए सकारात्मक विचार लाए और नकारात्मक विचारो को अपने दिमाग से निकाले।



जिस कार्य में आपकी रुची है। वह जरूर करे।


दोस्तों, अगर आपको कोई भी काम अच्छा लगता है वह जरूर करे। वह कोई भी काम हो सकता है। यह हमें खुद भी पता होता है। कि हमें कौन-सा काम करना अच्छा लगता है। जिससे की आप उस काम को और सही तरीके से भी कर पाओगे और इससे नकारात्मक सोच भी दूर होगी। ओर आप अपने टैलेंट के दम पर अपने कैरियर को भी बना सकते हैं।



खुद से बाते करे।


अगर आपके मन में नकारात्मक विचार आ रहे है। तो कुछ देर के लिए खुद को अकेला रख कर। एक गहरी लंबी सांस ले। और बाद मै खुद से पूछें कि में सही सोच रहा हूं या गलत इससे आपकी नकारात्मक सोच खुद ही सकारात्मकता की ओर बढ़ेगी।


नोट - दोस्तो आप सभी इन बातो को अपनी जिंदगी में जरूर अपनाएं, जिससे कि आप खुद ही अपनी ज़िन्दगी में बदलाव देखेंगे। हमें कमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके बताएं की आपको यह पोस्ट कैसी लगी।


- जैनब




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