अकबर
Biography

अकबर की जीवनी और इतिहास – Akbar Biography & History in Hindi

अकबर मुगल शासक के सभी राजाओं में से एक ऐसे राजा थे। जिन्होंने लगभग, 14 वर्ष की आयु में राजगद्दी को संभाला साथ ही साथ वह सबसे शक्तिशाली व प्रभावशाली राजा थे। अकबर मुग़ल वंश के तीसरे शासक थे। उन्होंने बचपन से ही राज्य चलाने का कार्य पूरी निष्ठा से संभाला था। अकबर ने अपने साम्राज्य को दूर-दूर तक फैलाया और साथ ही उसने हिन्दू-मुस्लिम की एकता को बनाए रखने के लिए बहुत सी नीतियां भी बनाई थी। अपने राज्य काल में अकबर ने पूरी तरह शांति की स्थापना की। और कराधान प्रणाली को दुबारा से चलाया था।

अकबर का पूरा नाम जलालुद्दीन मोहमद अकबर था। अकबर बिलकुल भी पढ़े-लिखे नहीं थे। फिर भी उन्होंने शिक्षा को बहुत महत्व दिया था। फिर भी वह ज्ञानी व बुद्धिमान शासक थे। उन्हे ज्यादातर विषयों में ज्ञान था। इस दौरान अकबर के शासनकाल में साहित्य, कला, शिल्पकला का बहुत विकास हुआ। अकबर ने अपने राज्यकाल में सभी के लिए शिक्षा के दरवाजे खोले खासतौर पर महिलाओं के प्रति शिक्षा पर ज्यादा बल दिया गया। इतने नेक कार्य करने के बाद उन्हें महानता की उपाधि हासिल हो गई। और उन्हे महान अकबर कह कर भी पुकारा जाने लगा।

अकबर को सभी धर्मो में काफी रुचि थी। और वह सभी धर्मो का आदर सम्मान किया करते थे। सभी धर्मो को इकठ्ठा करके अकबर ने दीन एं इलाही की स्थापना की थी। जिसमे सभी धर्मो के लोग इकट्ठा होकर अपने-अपने धर्म को लेकर चर्चा किया करते थे। और अकबर उन्हे सुना करते थे। वह सभी को आपस में मिला कर रखते थे।

 

अकबर का जीवन काल कुछ इस प्रकार है।

अकबर का जन्म 15 अक्टूबर 1542 में अमरकोट में हुआ था। अकबर के पिता का नाम हुमायूं था और माता का नाम हमीदा बानो था। उनका पूरा नाम अबुल फतह जलालुद्दीन मोहम्मद अकबर था। लंबे समय के बाद अकबर अपने परिवार के साथ काबुल स्थापित हुए। जहां उनके चाचा मिर्जा रहते थे। अकबर ने अपना बचपन युद्ध कला सीखने में गुजारा था। जिसके चलते वह एक निडर व बहादुर योद्धा बन गए।

1551 में अकबर ने काबुल में ही अपनी चाचा की बेटी रुकैया के साथ विवाह कर लिया। जो अकबर की मुखिया व पहली पत्नी बनी थी।

अपने पिता हिमायू की मृत्यु के बाद बेरम खान की मदद से पूरा राज्य का शासन चलाया था। अकबर बहुत ज्यादा छोटे होने के कारण उन्होंने बैरम खान की मदद से पूरे भारत में हुकूमत की थी। एक बहादुर योद्धा होने के नाते उन्होने पूरे भारत में गोदावरी नदी तक अपना कब्जा स्थापित किया था।

अकबर के शासनकाल में विभिन्न धर्मो के लोग रहते थे। अकबर अपने शासन में शांति स्थापना करने के लिए नई नई योजनाएं स्थापित करते थे। इससे सभी लोग खुश रहा करते थे।

अकबर को साहित्य से बहुत ही ज्यादा लगाव था। उसने एक पुस्तकालय की भी स्थापना की थी। जिसमे करीब 24,000 से अधिक संस्कृत, परशियन, उर्दू, लैटिन, अरबी, कश्मीरी आदि किताबें थी। और वहां पर कलाकार अनुवादक विद्वान लेखक वाचक आदि भी थे। अकबर ने फतेहपुर सीकरी में खास महिलाओ के लिए भी पुस्तकालय की स्थापना की थी। और हिन्दू-मुस्लिम दोनों के लिए स्कूलों का निर्माण किया गया। दुनिया भर के कवि, शिल्पकार, वास्तुकार आ कर उसके दरबार में इकठ्ठा हो कर चर्चा किया करते थे।

अकबर ने हिन्दू-मुस्लिम एकता बनाए रखने के लिए दीन ए इलाही धर्म की स्थापना की थी। यह धर्म बहुत ही सरल था। इस धर्म में शांति को ज्यादा बढ़ावा दिया गया था। और इसमें एक ही भगवान की पूजा पर बल दिया गया था। इसमें पशु बली पर मनाही थी। इस धर्म में किसी भी तरह का कोई ग्रंथ या किताब, मंदिर पुजारी नहीं था यह धर्म बहुत ही सरल था। इस धर्म का पालन बहुत लोगो ने किया था और बीरबल भी इसका पालन करता था। बहुत से लोगो ने अकबर को पैगम्बर भी माना था।

पास में अकबर के शासन को भारतीय इतिहास में बहुत ही ज्यादा मान्यता दी गई है। उन्होंने हिंदू-मुस्लिम एकता को बढ़ावा दिया और साथ ही उन्होंने एक अखंड भारत बनाने की पूरी कोशिश की थी।

अकबर ने मुगल साम्राज्य को कई गुना बढ़ा दिया था। उसने एक शक्तिशाली सेना का गठन किया साथ ही उसने कई राजनीतिक सामाजिक कार्य भी किए। इस दौरान अकबर को मुगल शासक में महान शासको में गीना जाता है। अकबर की भारतीय इतिहास में अलग छवि उभरकर आई।

अकबर और महाराणा प्रताप के बीच हल्दीघाटी का युद्ध इतिहास का एक बड़ा युद्ध था। ये युद्ध 1576 ईसवी में हुआ और इस युद्ध में अकबर की जीत हुई थी।

जोधा अकबर का इतिहास।

भारत के प्रसिद्ध शासकों में से एक मात्र सम्राट अकबर ऐसे योद्धा थे। जिन्होंने सभी धर्मो के लोगों के प्रति उदारता दिखाई। अकबर ने हिन्दू राजपूत राजकुमारी जोधा बाई से विवाह किया। इतिहास में जोधा-अकबर के प्रेम को विश्व प्रसिद्ध प्रेम देखने को मिलता है।

अकबर एक ऐसा मुगलकालीन राजा था। जिसने अपने धर्म को ही महत्व ना देते हुए। हिन्दू धर्म के बहुत से लोगों को बड़े-बड़े पदो पर बिठाया। अकबर ने हिन्दुओं पर जो कर लगाए जाते थे, उन्हें भी समाप्त कर दिया था। ऐसा कार्य करने वाले मुगलकाल में एक सम्राट अकबर ही था। और साथ ही उन्होंने सभी हिन्दुओं का दिल भी जीत लिया था। अकबर के लिए सभी में प्रेम भावना बहुत ज्यादा रही थी। विभिन्न धर्मो को इकठ्ठा करने वाला अकबर ही था।

 

अकबर की मृत्यु।

3 अक्टूबर 1605 बीमार होने के कारण महान शांतिप्रिय शासक “अकबर” की मृत्यु हो गई। उन्हें आगरा से ले जाकर सिकंदरा में दफनाया गया था।

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श्याम कुमार दिल्ली में रहते हैं। वह lifestylechacha.com के संस्थापक हैं। जोकि एक हिंदी ब्लॉगिंग वेबसाइट है, और इस वेबसाइट की श्रेणी स्वास्थ्य, सौंदर्य, संबंध, जीवन शैली, जीवनी, आदि है।

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