ध्वनि प्रदूषण पर निबंध – Essay on noise pollution in Hindi

Essay on noise pollution in Hindi : आज आप सभी बच्चो को ध्वनि प्रदूषण पर निबंध लॉन्ग आर्टिकल हिंदी पढ़ो पर इसकी पूरी जानकारी मिलेगी। जो आपके लिए बहुत ही उपयोगी होगा। प्यारे बच्चो इस लेख को ध्यान पूर्वक पूरा जरूर पढ़े।

प्रस्तावना: ध्वनि प्रदूषण आज के समय की सबसे बड़ी समस्या बन कर हमारे देश में उभर रही है। जो एक गंभीर समस्या है, हालाकि इस पर कई कानून भी लागू किए गए लेकिन उस पर कोई अमल नहीं करता भारत जैसे विकासशील देश में औद्योगिकरण व मशीनीकरण इतना ज्यादा बढ़ चुका है, जिससे हमारे देश में ध्वनि प्रदूषण का अभाव इतना बढ़ चुका है कि मनुष्य व जानवर पेड़ पोधे सभी को ध्वनि प्रदूषण (Noise Pollution) के शोर से सभी को काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

 

ध्वनि प्रदूषण पर निबंध 500 शब्दों में।

Essay on noise pollution in Hindi


ध्वनि प्रदूषण (Noise Pollution) हमारे वातावरण में तेज आवाज से गूंज उठने वाली ध्वनि वातावरण को काफी ज्यादा प्रभावित कर रही है। सड़क पर यातायात काफी ज्याjदा दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है, जो शोर का सबसे बड़ा कारण है, वहीं दूसरी तरफ घरेलू संसाधनों  जैसे वाशिंग मशीन व मिक्सी जैसे संसाधनों का इतनी ज्यादा ध्वनि प्रदूषण फैलता है सीधा असर हमारे कानों पर पड़ता है बल्कि हद से ज्यादा ध्वनि प्रदूषण हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, जिस वजह से हमें कई सारे नुकसान तक झेलने पड़ सकते हैं।

 

ध्वनि प्रदूषण (Noise Pollution) के कारण।

आज की युवा पीढ़ी कानों में हेंडफ्री लगाकर तेज आवाज में गाने सुनना उनकी आदत बन चुकी है। जिससे सीधा असर उनके कानों के पर्दे पर पड़ता है, और आज की युवा पीढ़ी देर रात तक पार्टी करती है जिसमें तेज आवाज में गाने बजाना जिससे आस पास के लोगों के कानों पर भी असर पड़ता है और साथ ही हर्ट संबधी बीमारियां भी लग जाती है।

आस पास की पशु पक्षी पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है, जिससे इनकी पशु पक्षी भी हमारे देश से विलुप्त हो चुके हैं। ध्वनि प्रदूषण (Noise Pollution) पर अगर नियंत्रण नहीं किया गया तो आने वाली पीढ़ियों के लिए यह एक सबसे बड़ी चुनौती बन जाएगी। इसलिए हम सभी को मिलकर ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रण करना होगा। जिसके लिए हमें कुछ ठोस कदम उठाने होंगे जैसे

*हमे बढ़ते यातायात साधनों को कम करने का प्रयास करना चाहिए।

*हमे ध्वनि प्रदूषण युक्त साधनों पर नियंत्रण रखना चाहिए।

*हमे कम आवाज में गाने सुनना चाहिए जिससे हमारे कान सुरक्षित रहे।

*बढ़ती मशीनरीकरण पर रोक लगनी चाहिए।

*फैक्टरी कारखानों पर रोक लगनी चाहिए।

बढ़ता आधुनिक विकास व आेधियोगिक विकास।

आज के समय में कारखानों बड़ी बड़ी मशीनों का प्रयोग होता है, जी सबसे बड़ा कारण ध्वनि प्रदूषण बन गया है। साथ ही बड़ी बड़ी बिल्ड्डिंग व इमारतें बनाने में मशीनों का प्रयोग होता है जिस वजह से ध्वनि प्रदूषण बढ़ता जा रहा है जिसका बुरा प्रभाव हमारी पृथ्वी पर पड़ रहा है इससे पेड़ पोेधे भी नष्ट हो रहे हैं।

 

परिवहन साधन।

ध्वनि प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण वाहनों को बढ़ता प्रकोप है। जैसे रेलगाढ़ी की तेज आवाज जिसकी तेज़ी से हवा में आवाज़ गूंजती है। इसके अलावा हवाई जहाज जब लेंड करना है तब भी काफी तेजी से इसकी आवाज आती है इसके अलावा सड़कों पर चलने वाली कार मोटरसाईकल ट्रक बस आदि। यह सभी ध्वनि प्रदूषण का कारण बन चुकी है। जिसका बुरा असर हमारे वातावरण पर पड़ता है।

 

घरेलू उपकरण।

आधुनिक समय में घरेलू उपकरण की बढ़ती संख्या ध्वनि प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण बन चुकी है। जैसे पंका कूलर मोटर, इन्वेस्टर , वाशिंग मशीन, आदि इनके शोर से भी ध्वनि प्रदूषण बढ़ता ही जा रहा है। जिस वजह से मानव जीवन काफी बड़ी समस्या की ओर बढ़ रहा है।

 

पटाखों की आवाज।

आज के समय में बिना पटाखों के तो लोग दीवाली मनाते ही नहीं है,जो सबसे बड़ा कारण ध्वनि प्रदूषण का बन ही चुका है। शादी समरोह ने भी लोग पटाखों का उपयोग करते हैं। जिसमे सबसे ज्यादा आवाज आती है। जो ना सिर्फ कानों के लिए हानिकारक है बल्कि हार्ट की समस्या पैदा करता है।

 

सरकारी नियमों का पालन करना चाहिए।

हम सभी को मिलकर सरकती नियमो व ध्वनि प्रदूषण पर बनाई गई योजना का पालन करना चाहिए। जो कुछ इस प्रकार है। जैसे-

*सरकार ने देर रात तक म्यूजिक सिस्टम बजाने के लिए मनाही की है। सरकार के नियम के अनुसार रात 10 बजे तक म्यूजिक सिस्टम को बजाने की मनाही की गई है,जिसका पालन करना हम सभी का कर्तव्य है।

*सरकार हर दीवाली पर पटाखे खरीदने पर रोक लगती है। लेकिन फिर भी लोग पटाखों का खरीदने व बेचने से बाज़ नहीं आते। हमे इस नियम का पालन भी करना चाहिए ताकि हम अपने पर्यावरण को नष्ट होने से बचा सके।

 

ध्वनि प्रदूषण पर निबंध 300 शब्दों में।

Essay on noise pollution in Hindi

 

ध्वनि प्रदूषण के प्रभाव कुछ इस प्रकार है।

*ध्वनि प्रदूषण का सबसे ज्यादा असर हम सभी लोगो पर पड़ा है। जैसे हम सभी के काम करने की पावर को कम करता है।

*ध्वनि प्रदूषण की वजह से कई लोगो ने चिड़चिड़ापन आता है। जिससे उसके मस्तिष्क पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है।

*सबसे ज्यादा बुरा प्रभाव गर्भवती महिलाओं को पड़ता है। जिससे गर्भपात की समस्या पैदा होती है।

*ध्वनि प्रदूषण की वजह से हार्ट अटेक की बीमारी उत्पन होती है और लोगो का दिल भी अस्वस्थ रहता है।

*ध्वनि प्रदूषण लोगो की शांति को भंग करता है जिस वजह से लोगों में गुस्सा व तनाव जैसी परेशानियों से जूझना पड़ता है।

*अगर आप 60 डिवी से अधिक ध्वनि सुनते है तो यह आपको बहरेपन का शिकार बना देती है। हमारे कान की सुनने की क्षमता को कम कर देती है।

*तेज आवाज के कारण पशु भी अपना संतुलन को खो देते हैं। जिस वजह से वह काफी खतरनाक हो जाते हैं, जिससे हम सभी मनुष्य को पशु नुकसान पहुंचाते हैं।

*ध्वनि प्रदूषण हमारे पेड़ पोधो पर भी बुरा प्रभाव डालते हैं जिससे उत्पादन भी अब खराब किस्म का पैदा होता है।

 

रोकने के उपाय।

ध्वनि प्रदूषण की आवाज को रोकने के लिए हम सभी को गंभीर तरीके से जागरूक होना चाहिए। लोगो में ध्वनि प्रदूषण को रोकने के लिए जागरूकता फैलानी चाहिए। जितने भी पार्टी शादी समारोह व क्लब आदि में उपकरणों पर रोक लगानी चाहिए। जिससे ध्वनि प्रदूषण को अत्यधिक बढ़ने से रोका जा सके।

 

उपसंहार

ध्वनि प्रदूषण के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए

लोगो के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाना चाहिए। स्कूलों की किताबो में ध्वनि प्रदूषण के रोकथाम के लिए पाठ पढ़ने के लिए जोड़ने चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ी को ध्वनि प्रदूषण के लिए जागरूकता होनी चाहिए। बच्चो व युवाओं को तेज आवाज करने वाली गतिविधियों का उपयोग करने से रोकना चाहिए। ताकि यह सभी ध्वनि प्रदूषण रोकथाम के लिए कर्तव्य का पालन कर सके अपने पर्यावरण का नाश होने से बचाया जा सके। तभी हमारा देश सुरक्षित व संवेदनशील बन सकता है।

आप सभी का इस लेख को पढ़ने के लिए धन्यवाद।

-जैनब खान

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