Gautam Buddha Biography in Hindi (गौतम बुद्ध जीवनी)

Gautam Buddha Biography in Hindi :  गौतम बुद्ध एक महान समाज सुधारक और बुद्ध धर्म के संस्थापक थे। गौतम बुद्ध वैज्ञानिक सोच के थे। वह बचपन से ही बहुत जिज्ञासु स्वाभाव के थे। उनके मन में कई तरह के सवाल थे। उन्हें अपने हर सवाल का जवाब चाहिए था। जो भी उस समय गलत परम्पराएं थी। गौतम बुद्ध उन्हें ख़त्म करना चाहते थे। वह दुनिया में लोगों को सत्य के मार्ग पर चलाना चाहते थे। गौतम बुद्ध दुनिया को जन्म मृत्यु और दुखो से मुक्ति दिलाने के लिए  अपना घर परिवार को त्याग कर इन सब की खोज में निकल पड़े। चालिए जानते हैं गौतम बुद्ध के बारे में विस्तार से, कि उन्होंने किस प्रकार संसार को अपने ज्ञान से समझाया।

 

कोई बात बहुत दिनों से मानी जा रही है, इसलिए उसे मत मान लेना, किसी धर्म ग्रंथ में लिखी गयी है, इसलिए उसे मत मान लेना। किसी बड़े आदमी या संत ने कही है, इसलिए मत मान लेना, मेरी कही हुई बात को भी इसलिए मत मान लेना कि वो मैंने कही है। किसी बात को अपनी बुद्धि द्वारा तर्क की कसौटी पर कसना यदि सत्य उतरता है और जीव कल्याणकारी हो तो जानकर मान लेना।

– गौतम बुद्ध 

गौतम बुद्ध का जन्म व जन्म भूमि।

गौतम बुद्ध का जन्म 563, ईसा पूर्व में कपिलवस्तु के समीप लुम्बिनी वन, नेपाल में शाक्य कुल के राजा शुद्धोधन के यहाँ हुआ। उनकी माता का नाम महामाया देवी था। माना जाता है कि जब महामाया अपने नैहर देवदह जा रही थी, तभी रस्ते में उन्हें प्रसव पीड़ा हुई और वही रास्ते में बालक बुद्ध का जन्म हुआ। और बालक का नाम सिद्धार्थ रखा गया।

अब इन्हें भगवान बुद्ध के नाम से जाना जाता है। गौतम बुद्ध के जन्म के 7 दिन बाद उनकी माता का देहांत हो गया। उनका लालन-पालन उनकी मौसी और रानी प्रजापति गौतमी ने किया था। सिद्धार्थ का मतलब होता है वह जो सिद्धि प्राप्ति के लिए जन्मा हो। और एक साधु ने यह घोषणा की थी कि ये बच्चा या तो एक महान राजा बनेगा या एक पवित्र पथ प्रदर्शक बनेगा।

गौतम बुद्ध के जीवन की शुरुआत।

गौतम बुद्ध बचपन से ही दयालु और करुणामय थे। साथ ही वह एक कुशल राजकुमार भी थे। तलवारबाजी, कुश्ती, घुड़सवारी आदि में निपुण थे। उनके पिता ने उनका विवाह एक सुंदर राजकुमारी यशोधरा से करा दिया। और बाद में उनका एक पुत्र हुआ जिसका नाम राहुल रखा गया। फिर उनका मन घर गृहस्थी में नहीं लगता था। क्यूंकि उनसे अपनी गरीब प्रजा का दुःख देखा नहीं जाता था। उनके मन में कई तरह के सवाल थे जैसे संसार में इतना दुःख क्यों है ? और इस दुःख का कारण क्या है ?

उनके पिता राजा शुद्धोधन ने गौतम बुद्ध को दुःखों से हमेशा दूर रखा था। लेकिन एक दिन गौतम बुद्ध चोरी छुपे अपने सारथी चन्ना के साथ अपने महल से निकल गए। उन्होंने रास्ते में एक बीमार वृद्ध को देखा तब उन्हें पता चला की व्यक्ति बूढ़ा भी होता है। इसके बाद कुछ दूर जाने पर उन्होंने एक शव जाते देखा, शव को देख उन्होंने अपने सारथी चन्ना से पूछा ये लोग कौन है? ये चार व्यक्ति इस तरह इस व्यक्ति को कहा उठाकर ले जा रहे है? तब चन्ना ने उनको बताया कि इसकी मृत्यु हो चुकी है अब ये व्यक्ति इस संसार में नहीं है। यह सुनकर उनको जीवन का एक और सच पता चला।

 

सत्य की खोज

फिर एक दिन गौतम बुद्ध जिंदगी की सच्चाई का पता लगाने के लिए अपनी पत्नी और बच्चे को रात्रि में सोता हुआ छोड़कर अपने महल को त्याग कर निकल पड़े। उन्होंने अपने मन को काबू करने के लिए ध्यान करना शुरू कर दिया। और अपने 5 शिष्य भी बना लिए। अधिक ध्यान तपस्या और उपवास करने के कारण उनका शरीर बहुत कमजोर हो गया था।

सुजाता नाम की एक स्त्री ने उन्हें खीर खिलाई। गौतम बुद्ध को ज्ञान हुआ कि भूखे पेट नहीं रहना चाहिए यदि हमारा शरीर स्वस्थ रहेगा तभी हमारा मन स्वस्थ होगा। और हम अपने कार्य में सफल हो पाएंगे। उनके उपवास तोड़ने के कारण उनके पाँचो शिष्य नाराज होकर बुद्ध को छोड़ कर चले गए।

गौतम बुद्ध ने जाति भेदभाव, पाखंडवाद, कर्मकांड, अंधविश्वास, और पशुबलि का विरोध किया। उन्होंने झूठ और अंधविश्वास को छोड़ सभी लोगो को सत्य के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया। उसके बाद धीरे-धीरे गौतम बुद्ध के अनुयायी बढ़ने लगे और बहुत बड़ा संघ बन गया। उन्होंने जगह-जगह जाकर लोगो को उपदेश दिए और सत्य का मार्ग बताया। इसके बाद उन्हें बिहार के गया में एक पीपल के वृक्ष के नीचे ज्ञान की प्राप्ति हुई। और वो बुद्ध के नाम से प्रसिद्ध हो गए।

गौतम बुद्ध ने कहा जिसने जन्म लिया उसकी मृत्यु निश्चित है इसका कोई उपाय नहीं है की वो न मरे। बुद्ध की मृत्यु 483, ईसा पूर्व में कुशीनगर उत्तर प्रेदश में हुई थी। बौद्ध धर्म के अनुयायियों द्वारा इसे ‘महापरिनिर्वाण’ कहा जाता हैं।

 

बुद्ध की शिक्षाएं कुछ इस प्रकार हैं।

 

👉 किसी भी चीज की अति अच्छी नहीं होती, माध्यम मार्ग पर चलना ही सही है।

👉 हम अपने विचारों से ही अच्छी तरह ढल पाते हैं। और हम जैसा सोचते हैं। वैसे ही हम बनते हैं। जब मन पवित्र होता है तो खुशी हमारे साथ परछाई की तरह चलती है।

👉 चाहें आप कितना भी पूजा-पाठ, कर ले, कितनी भी प्रार्थना कर ले। जब तक आप कर्म नहीं करते तब तक आपको कुछ नहीं मिल सकता।

👉 भूतकाल को याद मत करो। भविष्य के सपनों में मत उलझो, वर्तमान में जिओ यही एक मात्र खुश रहने का तरीका है।

👉 बिता हुआ वक्त कभी वापस नहीं आता। हम अक्सर सोचते हैं आज का काम कल पूरा कर लेंगे। लेकिन गुजरा वक्त वापस नहीं आता। इसलिए अपना काम समय पर पूरा करें।

👉 हर इंसान को अधिकार है, कि वह अपनी दुनिया की खोज खुद करे।

👉 अपना कार्य स्वयं करें दूसरों पर कभी निर्भर ना रहें।

👉 चाहें आप कितनी भी अच्छी किताबें पढ़ ले, कितनी भी अच्छी बाते कर ले, जब तक आप उन बातों को आप अपने कर्म में नहीं लाते। तब तक उन बातों का कोई अर्थ नहीं है।

👉 एक हजार खोखले शब्दों से एक शब्द बेहतरीन है। और वो शांति है।

👉 हर दिन की अहमियत को समझे। क्यूंकि हर दिन इंसान जन्म लेता है। हर दिन अपने मकसद को पूरा करता है। इसलिए अपने दिन की एहमियत को समझे।

👉 खुश रहे हमेशा और अपनी सोच को सकारात्मक बनाए क्यूंकि जैसा हम सोचते हैं, वैसा ही बनते है। इसलिए नकारात्मक विचारों को निकाल दो।

👉 ईर्ष्या और नफ़रत की आग में जलते हुए… खुशी कैसे दिख सकती है? अगर आप अंधरे में डूबे हैं तो रोशनी की तलाश क्यों नहीं करते?

👉 खुशी हमारे दिमाग में होती हैं। खुशी पैसों में खरीदी गई चीजों में नहीं बल्कि खुश इस बात में है कि हम कैसा महसूस करते हैं। और हमारा व्यवहार सब के साथ कैसा है और हम सामने वाले के व्यवहार का जवाब किस प्रकार देते हैं।

👉 आपको जो भी मिला है। उसी में खुश रहे। और अधिक पाने की कोशिश न करें। और दूसरो से ईर्ष्या न करे। जो लोग दूसरों से नफ़रत करते हैं उनके मन को कभी शांति नहीं मिलती।

👉 जीभ एक तेज चाकू की तरह बिना खून निकाले ही मार देती है

👉 जिस प्रकार हजारों दियो को एक ही दिये से जलाया जा सकता है। उसी प्रकार खुशियां बांटने से खुशी कभी कम नहीं होती।

 

बुद्ध के उपदेश।

बुद्ध ने हमेशा लोगो को मध्यम मार्ग अपनाने का उपदेश दिया है। और सबको अहिंसा के मार्ग पर चलने को कहा और बुद्ध ने मूर्तिपूजा, हवन, पशुबलि का जमकर विरोध किया। और उन्होंने कहा की हमें जीव-जन्तु जानवरो पर हमेशा दया करनी चाहिए।

 

गौतम बुद्ध के प्रचार-प्रसार कुछ इस प्रकार भी हैं जैसे –

अष्टांग मार्ग।
चार आर्य सत्य।
मध्यम मार्ग का अनुसरण।
ध्यान ओर अंत दृष्टि।
अग्निहोत्र और गायत्री मंत्र।

 

बौद्ध धर्म और धर्म का प्रचार।

भगवान बुद्ध ने पाली भाषा में अपने बौद्ध धर्म का प्रचार प्रसार किया और गौतम बुद्ध ने देशों में नहीं बल्कि विदेशों में भी अपने धर्म का प्रचार किया और आज यह धर्म संसार का सबसे बेहतर धर्म माना जाता है, गौतम बुद्ध की एक महान समाज सुधारक रहे हैं, जिन्होंने हमेशा सत्य के मार्ग को अपनाने के लिए कहा है। और आज भी इस धर्म के लाखों अनुयायी है।

 

🙏🙏🙏🙏

ये भी पढ़े 👇

ज्योतिबा फुले जीवनी (Jyotiba Phule Hindi Biography)

डॉ. भीम राव अम्बेडकर जीवनी (Ambedkar Hindi Biography)

सम्राट अशोक जीवनी (Samrat Ashoka Hindi biography)

सावित्री बाई फुले जीवनी (Savitribai Phule Biography in Hindi)

इस पोस्ट को अपने दोस्तों के साथ शेयर करें

Shyam Kumar

श्याम कुमार दिल्ली में रहते हैं। वह lifestylechacha.com के संस्थापक हैं। जोकि एक हिंदी ब्लॉगिंग वेबसाइट है, और इस वेबसाइट की श्रेणी स्वास्थ्य, सौंदर्य, संबंध, जीवन शैली, जीवनी, आदि है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *