तनाव मुक्त कैसे रहे – How to be stress free in Hindi

How to be stress free in Hindi : आज के आर्टिकल में हम जानेंगे “तनाव मुक्त कैसे रहे” जैसा कि आप जानते है आधी से ज्यादा दुनियाँ तनाव से ग्रस्त है। इसी बीच आज मैं ये आर्टिकल लिख रही हूँ। जिसमे में आपको बता रही हूँ, तनाव मुक्त रहने के कुछ बेहतरीन तरीके। अक्सर यह देखा जाता है कि लोग छोटी छोटी बातों को दिल पर ले लेते हैं और उन पर कोई ध्यान नहीं देता. 

उन्हें पता ही नहीं होता कि उनकी इन बातों से सामने वाले पर क्या असर होगा और कुछ भी बोल देते हैं. सामने वाला व्यक्ति उस बात को दिल से लगा लेता है और उसी के बारे में सोच सोच के आपने आपको कोसता रहता है. धीरे धीरे वो तनाव में इतना खो जाता है कि उसे फिर वापस निकालना मुश्किल हो जाता है.

जैसा कि हम सब जानते है कि तनाव लोगों को उनकी सोचने समझने की शक्ति पर भी असर डालता है. अक्सर लोगो को कई तरह के तनाव से ग्रसित देखा जाता है. जैसे –

शारिरिक तनाव

मानसिक तनाव

सामाजिक तनाव

आथिर्क तनाव

 

शारिरिक तनाव :

लोगों को यह तनाव अक्सर उनकी शारिरिक कमजोरी की वजह से होता है. शारिरिक तनाव का मुख्य कारण होता है अच्छा खान पान न लेना और खुद को कमजोर समझना। और कमजोरी की वजह से अपना शारिरिक संबंध सही तरह से स्थापित न कर पाना और उसके बारे में सोच सोच कर वह अपना मस्तिष्क को इतनी हानि पहुँचा लेते हैं कि उनका व्यवहार ही बदल जाता है. शारिरिक तनाव लोगों को और भी वजह से हो सकते हैं जैसे – किसी का विकलांग होना , उस व्यक्ति को तनाव से ग्रसित कर सकता है.How to be stress free in Hindi

मानसिक तनाव :

अगर हम बात करें मानसिक तनाव की तो ये आज के समय ज़्यादातर लोगों में पाया जाता है। और मानसिक तनाव हम सभी के लिए बहुत खतरनाक है। इसलिए हमें खुद को दिमागी तौर पर मजबूत बनाने की जरुरत है। और नकारात्मक विचारों के बजाय सकारत्मक विचारों को अपनाने की जरुरत है। क्यूँकि परेशान होने का कोई फायदा नहीं है। इस दुनियाँ में ऐसा कोई व्यक्ति नहीं है जिसे कोई समस्या न हो।

कुछ लोगों को मानसिक तनाव उनके शरीर मे कमी के कारण होता है, जैसे कोई अपंग व्यक्ति है. तो वो हमेशा अपने उस अधूरेपन की वजह से तनावग्रस्त रहेगा. बाहर से वो आपको बेशक ठीक लगे, लेकिन अंदर ही अंदर वो तनाव से घिरता चला जाता है.  मानसिक तनाव के और भी कारण हो सकते है जैसे – बेरोज़गारी, कर्ज, शादी न होना, रिलेशनशिप की वजह से, आदि।

सामाजिक तनाव :

यह तनाव बच्चों से लेकर घर के बड़ो तक में देखने को मिलता है. इस तरह का तनाव लोगों में अक्सर घर के किसी कोने में बंद हो कर रहने को प्रेरित करता है . वह किसी से मिलने में शर्मिदगी महसूस करते हैं जैसे कोई बच्चा है और वो पढ़ाई में थोड़ा कमजोर है तो बच्चे हमेशा उसे चिढ़ाते है जिस कारण वह स्कूल जाने में भी नख़रे करते हैं. ऐसे में लोगो को अपने बच्चों पर ध्यान देना चाहिए और उनसे बात कर उनके अंदर पनप रहे तनाव को खत्म करना चाहिए.

वैसे ही बड़ो में समाज के सामने अपना सम्मान और प्रतिष्ठा के लिए हमेशा लड़ते रहते हैं और सोचते हैं कि यदि हमने यह किया तो समाज क्या सोचेगा. अपना पूरा जीवन इसी तनाव में व्यतीत कर देते हैं और अपने जीवन को मनचाहे तरीके से जी नही पाते हैं.

 

आर्थिक तनाव :

आर्थिक तनाव यह तो हर घर में देखने को आपको मिल जाएगा क्योंकि इस तनाव से हर कोई ग्रसित रहता है. लेकिन बहुत कम लोग होते हैं जो इस तनाव में भी अपने आपको संभाल लेते हैं. लेकिन कुछ लोग इस तनाव से बाहर कभी भी नहीं निकल पाते. उनके इस आर्थिक समस्या में सबसे ज्यादा तनावग्रस्त बच्चे हो जाते हैं. उनका ध्यान पढ़ाई से हट कर उन समस्याओं में उलझ जाता है. जिस कारण वो अपना बचपन को खो बैठते हैं.How to be stress free in Hindi

तनाव के लक्षण :

नींद न आना

भूख न लगना

चिड़चिड़ापन होना

किसी से बता न करना

क्रोध में रहना

अकेले में रहना

बालों का झड़ना

 

नींद न आना : अक्सर जो व्यक्ति तनाव से ग्रसित होता है. उसे देर रात तक नींद नहीं आती है. जागने की आदत हो जाती है.

भूख न लगना : अक्सर इन लोगो को भूख नही लगती, और तनाव के कारण इन्हें भूख प्यास का ध्यान भी नहीं रहता है.

चिड़चिड़ापन होना : ऐसे व्यक्ति हमेशा चिड़चिड़े रहते हैं और कोई भी काम करने को कहो वो चिड़चिड़ा जाता है.

किसी से बता न करना : अक्सर तनाव से ग्रसित व्यक्ति किसी से बता करना पसन्द नही करते और वो हमेशा अकेले रहते हैं.

क्रोध में रहना : तनाव से ग्रसित व्यक्ति हमेशा बिना बता के हर किसी पे क्रोध करता रहता है.

अकेले में रहना : ऐसे लोग हमेशा अकेले रहना पसंद करते हैं और किसी से मिलना जुलना नही करते हैं.

बालों का झड़ना : अक्सर तनाव से ग्रसित व्यक्ति के ज्यादा तनावग्रस्त होने पर बाल झड़ने लगते हैं.

 

तनाव के कारण :

नींद पूरी न होना

समय पर भोजन न करना

किसी का ध्यान न देना

कुछ काम न होना

खुद के लिए समय न मिलना

 

नींद पूरी न होना : तनाव होने का कारण होता है समय पर न सोना और जल्दी जाग जाना. जिस वजह से लोगों को तनाव होने लगता है.

समय पर भोजन न करना : तनाव से ग्रसित होने का कारण होता है समय पर भोजन न करना और भूख को बर्दाश करना होता है.

किसी का ध्यान न देना : अक्सर देखा जाता है कि ज्यादातर वहीं लोग तनावग्रस्त होते है, जिन पर कोई ध्यान नही देता है और उन्हें अकेला छोड़ देते हैं.

कुछ काम न करना : ऐसे व्यक्ति को कोई काम न होना भी इन्हें तनाव की तरफ ग्रसित करता है.

खुद के लिए समय न मिलना : अक्सर ऐसे व्यक्ति को अपने लिये समय नही मिलता और फिर उस वजह से वो तनावग्रस्त हो जाते हैं.

इस तरह के रोगों से बचने के उपाय बिल्कुल साधारण है जिसे हम अगर आपने जीवन के हर दिन में प्रयोग करे तो हम हमेशा स्वास्थ्य और सुरक्षित रहेंगे.

How to be stress free in Hindi

तनाव मुक्त रहने के उपाय :

अच्छे से नींद पूरी करें

समय पर भोजन करें

हर समय कार्य करते रहे

नियंत्रण व्ययाम करना

सभी के साथ रहना

 

अच्छे से नींद पूरी करें : हमेशा हर एक व्यक्ति को अपनी नींद अच्छे से पूरी करनी चाहिए और रात को समय पर सोना चाहिए. तकि वो समय पर उठ सके और 24 घण्टे में से 7-8 घण्टे सोने में बिताए जिससे वो अपने आपको तनाव मुक्त और  फुर्तीला महसूस कर सकें.

समय पर भोजन करें : हमेशा समय पर भोजन करने से हमारी भूख मरती नही है और हम समय पर भोजन करना भी सीख जाते हैं जिससे हमें बेवक्त भूख नही लगती.

हर समय कार्य करते रहे : हमेशा हमे कुछ न कुछ करते रहना चाहिए क्योंकि बिना कार्य के हमारा ध्यान फिजूल की बातों में लग जाता है. जिससे हम नकारात्मक सोच की ओर अग्रसर होने लगते हैं.

नियंत्रण व्ययाम करना : हमे रोजाना सुबह व्ययाम करना चाहिए ताकि हम अपना ध्यान अपने लक्ष्य की तरफ केंद्रीत कर सके और इधर उधर की बातों में न फसे. नियंत्रण व्ययाम करने से हमारा स्वास्थ्य भी ठीक रहता है.

सभी के साथ रहना : हमे हमेशा अपनो के साथ रहना चाहिए और अकेले नही रहना चाहिए. सब के साथ यदि हम बैठकर भोजन करते हैं बात करते हैं तो नकारात्मक सोच हमे प्रभावित नही कर पाती है. तनावग्रस्त होने से भी हम बच जाते हैं.

 नोट – जितना हो सके सब के साथ रहे, किसी भी बात को दिल से न लगाएं, कड़वा बोलने वाले लोगो से दूर रहे, जितना हो सके दुःख देने वाली बातो को नजरअंदाज करना सीखें, जिस काम में ख़ुशी मिले वही करे, खाये पिए, मस्त रहे।

आशा करती हूं कि आपको मेरा यह आक्टिकल पसंद आएगा. आप हमें अपने विचार कंमेन्ट बॉक्स में कंमेन्ट कर के भी बता सकते है।

(ज्योति कुमारी)

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