नवजात शिशु की देखभाल कैसे करें – How to care for a newborn baby in Hindi

How to care for a newborn baby in Hindi : आजकल हम देख रहे हैं। कि हमारे समाज में बड़े परिवार खत्म होते जा रहे हैं। और फैमिली छोटी होती जा रही है। पहले तो सब एक साथ रहते थे, तो नवजात शिशु की देखभाल उनकी दादी या फिर परिवार के और लोग कर देते थे। लेकिन अब छोटी फैमिली की वजह से शिशु की देखभाल करना मुश्किल सा हो गया है। लेकिन आप बिल्कुल भी फिक्र ना करें हम आपके लिए बहुत अच्छे टिप्स लेकर आए है, जो आपके नवजात शिशु के लिए बहुत ज्यादा फायदेमंद होंगे। आइए जानते हैं आप अपने नवजात शिशु की देखभाल किस प्रकार कर सकती है।

 

नवजात शिशु का सही तरीके से स्तनपान कराना।

नवजात शिशु को पहला दूध माँ का ही पिलाना चाहिए। जो कि पीला, गढ़ा दूध होता है। जो नवजात शिशु के लिए बहुत ही जरूरी है। कुछ महिलाएं दूध,पीला होने के कारण उसे फेंक देती हैं, लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए। उसे नवजात शिशु को पिलाए। क्योंकि इस दूध से आपके नवजात शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है. और इस दूध को कोलेस्ट्रम भी कहते हैं। वैसे तो नवजात शिशु की दूध पीना जन्मजात क्रिया होती है। लेकिन फिर भी उसे अच्छी तरह से स्तनपान करवाए। जिससे उसे दूध पीने की आदत पड़ जाए। और अपने शिशु को गोद में ही स्तनपान करवाए। और उसे हर एक से दो घंटे में स्तनपान कराते रहे।  स्तनपान कराने के बाद शिशु को डकार जरूर दिलाए अपने कंधे पर उसका सिर रख कर।

 

नवजात शिशु के जन्म से लेकर 5 साल तक के टीके का ध्यान रखे।

अपने नवजात शिशु को 5 साल तक के टीके जरूर लगवाएं क्योंकि वह उसके शरीर के लिए बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होते हैं। कोई भी टीका आपके नवजात शिशु का छूट न जाए, इसका ख्याल आपको ध्यान पूर्वक रखना चाहिए। अधिकतर मां शिशु का टीका मिस कर देती हैं जिससे कि उनके नवजात शिशु को पोलियो जैसी भयानक बीमारी हो सकती है।

 

नवजात शिशु को ध्यान पूर्वक गोद में ले।

नवजात शिशु को जब भी गोद में ले तो सबसे पहले उसकी गर्दन पर हाथ रख कर और उसके कमर के नीचे तक उसे ध्यान से गोद में ले। और कभी भी उसका हाथ पकड़ कर ना उठाए। क्योंकि नवजात शिशु बहुत ही ज्यादा नाजुक होता है।

 

नवजात शिशु के तकिए और बिस्तर का सही चुनाव करे।

नवजात शिशु की बॉडी बहुत ही कोमल और मुलायम होती है। इसलिए उसके तकिए से लेकर बिस्तर तक का सही से चुनाव जरूर करे। नवजात शिशु का बिस्तर बहुत ही मुलायम नरम होना चाहिए। जिससे उसे किसी भी तरह की परेशानी ना हो उसका तकिया भी मुलायम, नरम होना चाहिए। जिससे उसका सिर का आकार गोल हो सके।

 

नवजात शिशु के जागने, सोने का ध्यान रखे।

नवजात शिशु शुरू में 16 से 18 घंटे सोता है। लेकिन वो बीच में बिस्तर गीला करने की वजह से जागते भी रहता है। उसके जागने पर उसे दूध पिलाएं। और अगर शिशु जल्दी नहीं जागता तो उसे जगा कर दूध जरूर पिलाए। क्योंकि शुरू में नवजात शिशु को भूख का पता नहीं चल पाता। और शिशु के साथ माँ को भी उसे गले लगा कर सोना चाहिए। और शिशु को कभी भी एक ही पोजिशन में ना सुलाए।

 

नवजात शिशु की मालिश करना।

नवजात शिशु की मालिश करना भी जरूरी होता है। क्योंकि इससे नवजात शिशु का ब्लड सर्कुलेशन अच्छा रहता है। और मांसपेशिया भी मज़बूत होती है। आपके शिशु की बॉडी भी अच्छी रहती है। मालिश हमेशा नहलाने से पहले करे। मालिश करने के लिए सबसे पहले बेबी केयर ऑयल अपने हाथो पर ले। फिर उसके बाद उसके शरीर पर हल्के हाथो से मले और शिशु के हाथ पैरों को भी अच्छे से मले। उसके बाद शिशु को सही प्रकार से स्नान करवा दे।

 

नवजात शिशु के डायपर बदलने पर ध्यान दें।

नवजात शिशु का डाइपर दिन में लगभग 10 बार बदले। जिससे की शिशु को परेशानी ना हो। उसका डायपर गीला होने के तुरंत बाद बदल दें। जिससे कि शिशु को सर्दी से बचाया जा सके। ज्यादा लंबे समय तक डायपर शिशु को ना पहनाए।

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