स्वाइन फ्लू से बचने के उपाय – Swine Flu Prevention Tips in Hindi

Swine Flu Prevention Tips in Hindi : दोस्तो आज में आपको अपने इस आक्टिकल मे बताने वाली हूँ. स्वाइन फ्लू (Swine Flu) से बचने के कुछ तरीके जिससे आप इस बीमारी से ग्रस्त होने से बच सकते हैं. हम आपको इस आक्टिकल के माध्यम से बताएंगे कि स्वाइन फ्लू (Swine Flu) क्या है. इसके लक्षण क्या क्या है? और इससे किस तरह बचाव किया जा सकता है?.

 

स्वाइन फ्लू क्या होता है ?

स्वाइन फ्लू (Swine Flu) H1N1 इन्फ्लूएंजा वायरस से होता है. यह बीमारी बहुत संक्रमित होती है. यह इन्फ्लूएंजा वायरस सुअरो के श्वासन तंत्र से निकलती है. इस वायरस में एक अलग सी शक्ति होती है जिससे यह अपने आप को आसानी से परिवर्तित कर लेता है और आसानी से एक दूसरे में फैल भी जाती है. यह वायरस स्वाइन फ्लू (Swine Flu) से ग्रसित लोगों के खाँसने वह छिकने से फैलती है. इनके नाक या मुँह से जो छोटे छोटे कण निकलते हैं वह 24 घण्टे तक हवा में रहते हैं. उस दौरान जो भी इस हवा में सांस लेता है. वह वह लोग इस संक्रमण से ग्रसित हो जाते हैं. इसे ही स्वाइन फ्लू (Swine Flu) कहते है.

 

स्वाइन फ्लू (Swine Flu) के लक्षण : हम सब जानते हैं कि स्वाइन फ्लू (Swine Flu)  काफी गंभीर और संक्रमित बीमारी है लेकिन अगर हम शुरुआत में ही इस बीमारी के लक्षणों को पहचान ले. तो हम इस रोग को फैलने से पहले ही खत्म कर सकते हैं और जल्दी ठीक हो जाते हैं. आइये जानते हैं इसके लक्षण –

  • भूख ना लगना
  • खांसी
  • बुखार
  • सिरदर्द
  • कमजोरी या थकान
  • उल्टी या बदनदर्द
  • मांसपेशियों में खिंचाव
  • ठंड लगना
  • नाक से पानी बाहन या नाक जाम हो जाना
  • गले में खराश या फिर गले में कुछ अटका है ऐसा महसूस होना

जानिए स्वाइन फ्लू (Swine Flu) की दवा/ इलाज के बारे में : स्वाइन फ्लू के लक्षणों को यदि हम समय पर पहचान ले. फिर वह इंसान आप हो या आपके आस पास के लोग उसके अंदर के इस लक्षण को पहचान कर आप उसे तुरंत डॉक्टर के पास लेकर जाए.

स्वाइन फ्लू (Swine Flu) के मरीजों को हमेशा डॉक्टर की देख रेख में ही रहना चाहिए क्योंकि डॉक्टर की देख रेख में इंसान जल्दी ठीक होता है और यह बीमारी ज्यादा लोगों में फैलती भी नहीं है. इसके इलाज के लिए टेमीफ्लू नामक की दवा का उपयोग किया जाता है. इस दवा से लोग जल्दी ठीक होते हैं. यह दवा मरीज के उम्र और वजन के हिसाब से दी जाती है. मरीज को हॉस्पिटल से डॉक्टर तभी छुट्टि देते हैं जब मरीज अच्छे से ठीक हो जाता है.

स्वाइन फ्लू (Swine Flu)  के घरेलू उपाय : स्वाइन फ्लू से बचने के लिए काफी सारे घरेलू उपाय भी है. जिनसे आप अपने आपको सुरक्षित रख सकते हैं. अपने आस पास के लोगों को भी रख सकते हैं.

नीम : नीम की रोजाना 3-5 पत्तियां चबाने से हमारे खून साफ रहता है और यह स्वाइन फ्लू से भी ग्रस्ति होने से बचाता है.

गिलोय : यह नुस्खा बहुत ही आसान है. बस 5-6 तुलसी के पत्ते ले और पानी में डालकर उबले जब तक उसका रंग न बदल जाए. फिर उसमे काली मिर्च और काला नमक मिलाकर. ठंडा होने के बाद सेवन करें. यह नुस्खा स्वाइन फ्लू (Swine Flu) से ही नही बल्कि अन्य बीमारियों से लड़ने के लिए भी मददगार है.

तुलसी : रोज सुबह तुलसी के पत्ते खाने से यह हमें इस बीमारी से बचा सकता है. यह हमारे गले और फेफड़े को भी साफ रखता है और हमारे शरीर में इम्युनिटी को भी बढ़ाता है.

योग : योग करने से ओर रोजाना सुबह दौड़ने से भी हम इस बीमारी से बच सकते हैं क्योंकि यह हमारे गले और फेफडे को हेल्दी रखता है. स्वाइन फ्लू (Swine Flu) का खतरा भी कम रहता है.

कपूर : यह भी स्वाइन फ्लू (Swine Flu) की बीमारी से बचने में मदद करता है बस महीने में एक या दो बार कपूर का एक टुकड़ा लेकर हल्के गुनगुने पानी के साथ निगल जाए.

गुनगुना दूध : स्वाइन फ्लू से बचने के लिए थोड़ा दूध लेकर उसमे हल्का सा हल्दी मिलाकर उबल ले फिर हल्का गुनगुना गर्म न हो जाए तब तक ठंड करे. फिर पी लें.

विटामिन सी : स्वाइन फ्लू से बचने के लिए खट्टे फल और विटामिन सी का सेवन करना चाहिए और आंवला का भी क्योंकि इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन होता है.

 

स्वाइन फ्लू (Swine Flu) से बचाव के लिए सावधानी : इस बीमारी के होने से आप अपने आप को कैसे बचा सकते हैं इसकी कुछ सावधानियां हम आपको बता रहे. जिसे बरतने से आप इस बीमारी से अपना बचाव कर सकते हैं.

  • अगर आपको इस बीमारी से बचना है तो डॉक्टर की सलाह से Nasovac Vaccine ले सकते हैं.
  • जैसे ही आपको स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखाई दे वैसे ही तुरंत डॉक्टर से सलाह ले.
  • स्वाइन फ्लू से प्रभावित शहरों में हमेशा मास्क लागकर रखे.
  • किसी भी स्वाइन फ्लू वाले व्यक्ति से अपना सामान शेयर न करें.
  • अपनी इम्युनिटी को जितना हो सके उतना अधिक मात्रा में बढ़कर रखने की कोशिश करें.
  • जब भी आपको खाँसी या छिक आये तो हमेशा अपने मुंह पे रुमाल रख लें. फिर उसे दस्तीबिन में दाल दे. इधर उधर न फैके.

 

आशा करती हूं कि आपको हमारा यह आर्टिकल पसन्द आएगा और आप इसमें बताये गए सभी सावधानीयों को बरतेगे. आपको यह आर्टिकल कैसा लगा आप हमें कंमेन्ट बॉक्स में कंमेन्ट करके बता सकते हैं.

(ज्योति कुमारी)

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