थायराइड के लक्षण, कारण व घरेलू उपचार – Thyroid symptoms, causes and home remedies in Hindi

थायराइड (Thyroid) के लक्षण, कारण व घरेलू उपचार: आधुनिक जीवनशैली में हर कोई व्यस्त है। और गलत खान-पान, तनाव भरा कार्य, और पूरा दिन भागदौड़ भरी जिंदगी व्यतीत कर रहा है। इसी बीच कई तरह के रोगों ने मनुष्य को अपनी चपेट में ले लिया है। इन्हीं बीमारियों में से एक है थायराइड (Thyroid) जिसके बारे में आज हम इस आर्टिकल में बात करने वाले है। हम जानेंगे थायराइड (Thyroid) के कारण व लक्षणों के बारे में। और इससे निजात पाने के कुछ प्राकृतिक उपायों के बारे में।

 

थायराइड (Thyroid) क्या है?

थायराइड (Thyroid)  एक गम्भीर रोग है। यह रोग गले में स्थित ग्रंथि से संबंध रखता है। यह रोग महिलाओ में अधिक पाया जाता है। यह रोग तनाव व गर्भावस्था में ज्यादा होता है। थायराइड (Thyroid)  को घेंघा रोग से भी जाना जाता है। जब आयोडीन की कमी होती है तो इस कमी की वजह से गलगंड घेंघा हो सकता है। जिसमे थायराइड (Thyroid) बढ़ जाती है। जिस कारण मामूली सी सूजन से लेकर बड़ी गिल्टी तक बन जाती है। इस रोग से ग्रस्त व्यक्ति के शरीर में फुर्ती व थकान महसूस होती है। साथ ही उस व्यक्ति में काम करने की फुर्ती भी नहीं रहती है।

 

थायराइड (Thyroid) के लक्षण कुछ इस प्रकार है।

*दिल की धड़कन बढ़ना।

*वजन कम होना।

*पसीना ज्यादा आना व गर्मी लगना।

*सांस लेने में दिक्कत आना।

*नींद कम आना।

*बार बार शोच जाना।

*बालो का झड़ना।

*चिड़चिड़ापन आना।

*मानसिक संतुलन खोना।

*आंखे बाहर की ओर निकलना।

 

थायराइड (Thyroid) के कारण इस प्रकार है।

 

थायरॉयड की बीमारी के तीन भाग होते हैं।

1. थायरॉयड ग्रथि का ज्यादा काम करना।

2. टांगो के उपर सूजन होना।

3. कभी एक ही गिल्टी में थायरॉयड हार्मोन की मात्रा बढ़ जाती है।

 

*कभी कभी जब सूजन ज्यादा बढ़ जाती है तो थायरॉयड बढ़ने लगता है।

*अगर कोई थायरॉयड हार्मोन  की मात्रा ज्यादा लेने लग जाए तो यह बीमारी बढ़ने लगती है।

*इस बीमारी का मुख्य कारण आयोडीन की कमी होना है।

*बढता वजन व मोटापा।

*खान पान सही ना होना।

थायराइड (Thyroid) के घरेलू नुस्खे कुछ इस प्रकार है।

 

तुलसी व एलोवेरा

अगर आपका थायराइड (Thyroid) बढ़ता रहता है तो आपको घरेलू नुस्खे को जरूर शामिल करना चाहिए। आपको तुलसी के रस को निकालकर उसमें एलोवेरा जेल मिलकर इसका सेवन करना चाहिए।

 

हल्दी व दूध का सेवन करें।

वैसे तो दूध में हल्दी मिलाकर पीने से कई बीमारियां दुर होती है। वैसे ही दूध में हल्दी मिलाकर पीने से थायराइड (Thyroid)  कंट्रोल में रहता है। इसलिए इसे भी अपनाए।

 

त्रिफला चूर्ण का उपयोग करे।

आपको हर रोज थोड़ी मात्रा में त्रिफला चूर्ण का सेवन करना चाहिए। इससे भी काफी हद तक थायराइड (Thyroid) जैसी समस्या से बचा जा सकता है। इस उपाय को भी जरूर अपनाए।

 

लौकी का सेवन करें।

लौकी हमारी सेहत के लिए काफी फायदेमंद है। और इसका सेवन करने से थायराइड (Thyroid) की मात्रा को नियंत्रित किया जा सकता है। आपको लौकी की सब्जी खानी चाहिए। और आप लोकी के जूस का भी सेवन कर सकते हैं। जूस का सेवन खाली पेट करे इससे आपको काफी ज्यादा फायदा होगा।

 

थायरॉयड से बचाव के लिए अपनी डाइट में ये सभी खाने की चीजे शामिल करें।

 

दूध व दूध से बने पदार्थ।

दूध से बने पदार्थ थायरॉयड में काफी फायदेमंद है। आपको दूध दही व पनीर का सेवन जरूर करना चाहिए। क्योंकि इन सभी खाद्य पदार्थ से आपका थायराइड (Thyroid) कंट्रोल में रहता है। क्योंकि इन पदार्थों में प्रोटीन की अधिक मात्रा होती है।

 

विटामिन डी।

विटामिन डी अगर आप भरपूर मात्रा में अपने आहार में शामिल करते हैं तो विटामिन डी थायराइड (Thyroid) की समस्या से निजात पाने का बेहतर उपाय है। आपको अपने आहार में तिल संतरे का रस व अंडे का सेवन करें। साथ ही कुछ देर तक धूप जरूर लें।

 

विटामिन बी

आपको अपने आहार में विटामिन बी की जरूर शामिल करना चाहिए। जिससे आपका थायराइड (Thyroid) नियमित तौर पर कंट्रोल में रहे। विटामिन बी के खाद्य पदार्थ जैसे मांस मछली अंडे फलिया अखरोट आदि शामिल करें।

 

थायराइड (Thyroid) के प्राकृतिक उपचार।

सबसे पहले रोगी के गले व पेट में मिट्टी लगाए। साथ ही गले में 10 मिनट तक सेके और आधे घंटे तक मिट्टी को लगा दे। और गले व पेट की मालिश करे गले में ठंडा गरम सेक करें। ये सभी उपचार किसी चिकित्सक की सलाह से करे।

 

नोट- इस आर्टिकल में थायरॉयड से बचाव के घरेलू उपायों के बारे में बताया गया है। यह जानकारी इंटरनेट से इक्कठी की गई है। यदि आपका थायरॉयड ज्यादा बढ़ा हुआ है तो आपको डॉक्टर की सलाह लेकर ही इलाज करवाना चाहिए।

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