अपने बच्चों को अच्छे संस्कार कैसे दे – How to give good values ​​to your kids in Hindi

अपने बच्चों को अच्छे संस्कार कैसे दे ? आज कल बच्चों को अच्छे संस्कार देना बहुत ही ज्यादा जरूरी हो गया है। हर मां-बाप का सपना होता है। कि उसके बच्चों में अच्छे संस्कार हो और वह एक बहुत ही अच्छा इंसान बन सके। सबसे ज्यादा बच्चे माता-पिता से संस्कार ग्रहण करते हैं। और बाद में स्कूल व अन्य माहौल से। माता-पिता का कर्तव्य होता है। अपने बच्चों को अच्छे संस्कार देना।

 

चलिए जानते हैं,  कि आपको अपने बच्चों को किस प्रकार के संस्कार देने चाहिए जिससे वह अपने जीवन में एक अच्छा इंसान बन सके।

 

सभी के प्रति प्रेम भावना उत्पन्न करना।

अपने बच्चों में हर किसी के प्रति प्रेम भावना को उसके मन मे जागृत करना। जिससे कि उसके मन मे हमेशा हर किसी के लिए प्यार आदर की भावना उत्पन्न हो सके। और कभी किसी के प्रति उसके मन मे हीन भावना न आ सके। और वह एक दयालु इंसान बने।

 

हमेशा दोस्ती का व्यवहार करना।

अपने बच्चे के साथ बचपन से ही दोस्ती वाला व्यवहार रखना। जिससे की आपका बच्चा बचपन से ही आपसे अपनी अच्छी-बुरी सभी बातों को आपके साथ शेयर करे, जिससे की आपको उसकी हर बात का पता रहे। और आगे चल कर किशोरावस्था में आपके बच्चे बुरी आदतों व बुरे माहौल से बच सके। और एक उजवल जीवन व्यतीत कर सकें। जिसे उसे लाइफ में परेशानी हो तो भी आपसे शेयर कर सके।

 

सहयोग की भावना।

हमेशा अपने बच्चों का सहयोग करे। और उनके अंदर भी दूसरों के प्रति सहयोग करने की भावना जगाये। ताकि वह हर किसी की मदद करे। हर किसी के प्रति सहानुभूति रखे। और हर किसी के साथ सम्मान के साथ रह सके। जिससे सभी उसकी ओर आकर्षित हो और वो भी सभी के प्रति आकर्षित हो सके।

 

देश के प्रति प्रेम भावना।

अपने बच्चों के मन मे बचपन से ही देश के प्रति प्रेम भावना को जगाना चाहिए। जिससे की वह अपने देश का आगे चलकर अच्छा नागरिक बन सके। और अपने देश के प्रति अपने हर कर्तव्य को जान सके। ताकि आगे चल कर देश का नाम रोशन कर सके। और अपने देश के प्रति हर काम मे भागीदारी सुनिश्चित करें।

 

महापुरषों के बारे में बताना।

हमें अपने बच्चों को बताना चाहिए कि अगर हमारे देश में जो महापुरुष हुए यदि वो नहीं होते तो हमारे देश का क्या हाल होता। आज हमें जो भी अधिकार मिले है, वो इन महापुरषों की वजह से ही मिले है। आज हम जो अच्छी जिंदगी जी रहे है, इसमें हमारे महापुरषों का बहुत बड़ा योगदान है। उन्होंने समाज सुधारक बनकर अपने देश के प्रति सच्ची देश-भक्ति की मिसाल कायम की हैबी.आर आंबेडकर, ईश्वरचंद विद्यासागर, राजा राममोहन रॉय, बाबा आम्टे, आचार्य विनोबा भावे, ज्योतिबा फुले, सावित्री बाई फुले, मदर टेरेसा, श्री रामकृष्ण परमहंस, स्वामी दयानंद सरस्वती, शाहू छत्रपति, मिर्ज़ा गुलाम अहमद, पेरियार ई. वी रामास्वामी, सर सयद अहमद खान आदि की जीवनी से हमें अपने बच्चो को अवगत करवाना चाहिए।

 

अच्छी आदतें सिखाये।

अपने बच्चों को सबसे पहले मन से सच्चा बनाए। जिससे की वह आगे चल कर झूठ न बोले अपने हर काम के प्रति सच्चा बन सके। और हमेशा उसे बुरी आदतों से जितना हो सके दूर रखें। क्योंकि हमें जो बचपन से आदते सिखाई जाती है, उसी का पालन हम आगे चल कर करते हैं।

 

सकारात्म सोच उत्पन्न करना।

अपने बच्चे को हमेशा सही रास्ता दिखना उसे अच्छी बातें बताना, उसे Motivational स्टोरी सुनाना, और उसे सकारात्मक सोच का इंसान बनाना, जिससे उसमे आत्मविश्वास आये। और वो अपने हर काम को सकारात्मक सोच के साथ करे। जिससे उसे जिंदगी के प्रति एक अच्छी भावनाएं मिल सके।

 

छोटे-बड़े सभी के प्रति आदर करना सिखाना।

माता-पिता को चाहिए कि वे अपने बच्चे को सभी के प्रति आदर सम्मान की भावना रखना सिखाये। ताकि आने वाले समय मे वो अपने माता-पिता व सभी छोटे-बड़े के प्रति एक आदर सम्मान वाली भावना रखे। जिससे की उसे बचपन से ही अपने सभी छोटे-बड़े का प्यार मिल सके।

 

सहनशक्ति को बढ़ाना।

हर माता-पिता की यह जिम्मेदारी होती है। कि वह अपने बच्चे की सहनशक्ति बढ़ाये। जिससे की बच्चों में कभी भी जिद करने जैसी आदतों को बढ़ावा नही मिलता और उनका हर चीज के प्रति लगाव रहता है। अपने बच्चे को हर कार्य या पढ़ाई के प्रति उनकी सहनशक्ति को बढ़ाने की कोशिश करनी चाहिए।

 

आत्मविश्वास बढ़ाना।

अपने बच्चे का बचपन से ही आत्मविश्वास बढ़ाये। उसे अपने हर कार्य के प्रति आत्मविश्वास जागरूक बनाये। उसे हर काम को सरल बना कर करने की कोशिश करवाये। उसके मन में हमेशा पॉजिटिव बाते डाले जिससे वह हर काम को पूरे आत्मविश्वास के साथ करे। इससे उसे कभी भी डर नहीं लगेगा और उसकी झिझक भी खत्म होगी।

– जैनब खान

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